Tuesday, 6 October 2015
INTERVIEW!! “हर कर्तव्य प्रतिबद्ध रहकर एक विद्यार्थी की तरह ही निभा पाऊं” -ऐश्वर्या राय बच्चन ताजा खबरफ़िल्मी इंटरव्यूबॉलीवुड अपडेटस/lipika varma6 OCT, 2015 COMMENTS: 0
INTERVIEW!! “हर कर्तव्य प्रतिबद्ध रहकर एक विद्यार्थी की तरह ही निभा पाऊं” -ऐश्वर्या राय बच्चन
6 OCT, 2015
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ऐश्वर्या राय बच्चन फिल्म जज़्बा में नजर आने वाली हैं बतौर एक माँ और वकील यह किरदार उनके लिए बहुत अहम है क्योंकि इस किरदार से रियल लाइफ में माँ बनने के बाद वह रील लाइफ पर दोबारा अपने दर्शकों को लुभाने आ रही हैं और उन लोगों को भी यह दिखाना चाहती हैं कि आम जीवन में हर माँ जिस तरह से अपना पेशा और परिवार संभालते हुए आगे बढ़ती हैं उसी तरह ऐश भी जिम्मेदारियों एवं पेशे की प्रतिबद्धता दोनों ही को लेकर रियेलिटी में और रील पर सफलतापूर्वक अपनी सारी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए चल रही हैं –
हमारी संवाददाता लिपिका वर्मा के ढ़ेर सारे सवालों का जवाब दिया ऐश ने –
अपने फिल्मी सफर के शुरुआती दौर के बारे में कुछ बताएं ?
मेरा फिल्मी सफर अपने आप में अद्वितीय है, दरअसल यह कुछ और तरह से भी हो सकता था, किन्तु जो भी हुआ उससे मुझे कोई भी गिला या शिकवा नहीं है। मिस वर्ल्ड बनने के बाद मेरे फिल्मी सफर की अद्वितीय शुरुआत हुई है। हालाँकि मेरी शुरआत कुछ और अलग हो सकती थी किन्तु जो हुआ जैसा हुआ बढ़िया हुआ। मिस वर्ल्ड बनने के बाद मुझे काफी सारे प्रस्ताव मिले और उन्हीं की वजह से मेरा फिल्मी सफर आगे बढ़ता चला गया। मैंने हमेशा से अच्छी फिल्में ही चुनी है और उसी मुताबिक काम भी करने की कोशिश करती रही हूं। हर एक्टर अच्छी फिल्में ही करना चाहता है पर यदि कभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं होती है तो उसके कई कारण होते हैं। मैंने कोई भी फीमेल लीड पैकेजिंग कभी नहीं की है जिससे अपना फिल्मी सफर सुरक्षित कर सकूं। पर हाँ- यह जरूर है कि, जो कुछ भी मुझे मिला बस उन्ही सबमें से अच्छा चुन कर काम करती चली गयी। दरअसल फिल्मकारों, दर्शकों और अपने फैंस की मैं बहुत ही शुक्रगुजार हूं I जिन्होंने मेरी फिल्मों के चुनाव को हमेशा से सपोर्ट किया है और बदले में मैं उनकी उम्मीदों पर हमेशा से खरी उतरने की कोशिश करती रहती हूं। बतौर अभिनेत्री मैंने कभी यह नहीं सोचा की मुझे ऐसा करना था – बस एक फ्री आर्टिस्ट की तरह आगे ही बढ़ती रही हूं। मेरी फिल्मी यात्रा कुछ अलग ढंग से भी हो सकती थी किन्तु इसका यह मतलब नहीं है कि – मैं अपने फिल्मी सफर से खुश नहीं हूं ? जो कुछ भी फिल्में करी उनसे मैं बहुत ही संतुष्ट हूं। अपने चरित्रचित्रण द्वारा अपने फैंस का मनोरंजन कर पाती हूं, यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण बात है।
जज़्बा फिल्म चुनने के पीछे क्या वजह रही ?
इस फिल्म का विषय मेरे दिल के बहुत करीब है और बहुत ही स्ट्रांग विषय है एवं अद्वितीय चरित्र है जो मैं निभा रही हूं। यह किरदार उत्तेजना पैदा करता है और मेरे लिए इस किरदार को निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है। यह नई किस्म की रोमांचक कहानी मेरे लिए ही थी। हंस कर बोली ऐश
फिल्म के प्रोमोज में स्टंट करती हुई नजर आई, बहुत मेहनत करनी पड़ी होगी ?
मेहनत नहीं करनी पड़ी। समय ही नहीं था। जो कुछ योग वगैरह करती हूं उस बलबूते पर सेट्स पर जो दिया गया उसे निभा पायी -बस यही कहना चाहूंगी शरीर ने इज्जत रख ली !!” हंस कर बोली ऐश
आप हॉलीवुड में भी एक जानी -मानी हस्ती है और हमारे भारत देश को गौरवान्वित करती है ,क्या कहना है ?
मुझे नहीं पता कौन सा,”वूड” किन्तु मेरे दर्शक, फिल्ममेकर्स और मेरे फैंस सब मेरे कठोर परिश्रम की सराहना करते हैं सो मैं उनकी शुक्रगुजार हूंI मैं एक विद्यार्थी की तरह अपना काम करते हुए आगे बढ़ती हूं और यही चाहती हूं कि मैं हमेशा से इसी तरह काम करती रहूं। हर काम प्रतिबद्ध रहकर ही करती हूं। हमेशा यही कोशिश करती हूं कि जब भी मुझे मौका मिले मैं अपने कर्तव्यों को एक विद्यार्थी की तरह ही निभा पाऊं।
जज्बा से पहले ब्रेक पर रहीं आप, क्या कहना है इस बारे में?
दरअसल आप यह तय नही कर पाते कि कब आप ब्रेक पर जायें ? और कब वापसी करने के लिए तैयार हैं इस पर भी तय कर पाना मुश्किल होता है ? मेरे लिए हमेशा से वह एक सही समय होना चाहिए। क्यूंकि मैं उसी तरह का व्यक्तित्व रखती हूं सही समय पर ही सही चीज़ करना चाहती हूं। जिस काम से प्रतिबद्ध होती हूं उसे हर हाल में निभाना होता है फिर चाहे वह रियेलिटी से जुड़े हुए काम हो या पेशे से। मैं हमेशा से ही एक मल्टी काम करने वाली महिला रही हूं सो सीधी सी बात है मुझे दोनों अपने रियेलिटी एवं पेशे में अच्छा खासा बैलेंस रख कर निभाना होता है।
इस विषय पर कुछ और जोड़ते हुए ऐश बोली,” फिल्मों में काम करने के साथ साथ मैंने अपने ब्रांडिंग प्रतिबद्धता को भी निभाया है। यह पेशा अभिनेताओं के लिए एक सामानांतर पेशा होता है जो हमे काफी व्यस्त भी रखता है। ब्रांड एंबेसेडर भी हूं मैं, उसके लिए भी समय निकालना होता है लेकिन इस बीच जब में एक ऐतिहासिक फिल्म, “जोधा अकबर” कर रही थी उसी के दौरान मेरी शादी भी हो गई। बस फिर अपनी नई प्रतिबद्धता बतौर पत्नी एवं बहु के रिश्तों को भी निभाना अवश्य था और इसी दौरान मैं गर्भवती भी हो गयी। फिर तो हमें यह भी एहसास नहीं होता है कि ६ महीने किस तरह गुजर गए जब कि हमेशा हम सोचते हैं अब यह करेंगे वगैरह वगैरह अपना जीवन कुछ प्लान ही कर रही थी कि अराध्या मेरी गोद में आ गयी। यह नई रियेलिटी में भगवान की शुक्रगुजार हूं, अब मैं अपना मातृत्व बखूबी निभा रही हूं और इसे एन्जॉय भी कर रही हूं।
बतौर माँ होने के नाते वकील का किरदार और अच्छी तरह से – भाव प्रकट (ईमोट) कर पाई होंगी आप ?
मेरा ऐसा मानना है – बतौर अभिनेता हमे कोई भी रोल अच्छी तरह ही निभाना होता है। हमारी फिल्मों में रिश्ते महत्वपूर्ण होते हैं। हम पत्नी, माँ या फिर एक टीचर इत्यादि का रोल निभाते हैं। सो काम बेहतर ही होना चाहिए और भावनायें भी एक अभिनेता में हमेशा से ही होनी चाहिए। अपने पात्र को सरलता और स्वाभाविक रूप से कनेक्ट कर पाना हमारी जिम्मेदारी होती है।
महिला उन्मुख किरदार है जज्बा, आप महिला उन्मुख – रोल्स करना चाहेंगी ?
कोई भी किरदार जो वीमेन कनेक्ट हो मुझे करने मिले तो अच्छी बात है। किन्तु जब तक हम फिल्मों की पूरक रूप से चर्चा करते रहेंगे तो-मेरा ऐसा मानना है कि हमें और कुछ विकसित होना पड़ेगा। फिल्मों को वीमेन ओरिएंटेड, या फिर वीमेन एम्पावरमेंट वाली फिल्में कह कर सम्बोधित करना उचित नहीं होगा और यदि हम ऐसा करते हैं तो हमे और एक लम्बा रास्ता तय करना है।
INTERVIEW!! “जो कुछ आज मैं भोग रहा हूं वह मेरे अपने कर्मों का फल है” सलमान ताजा खबरफ़िल्मी इंटरव्यूबॉलीवुड अपडेटस6 OCT, 2015 COMMENTS: 0
INTERVIEW!! “जो कुछ आज मैं भोग रहा हूं वह मेरे अपने कर्मों का फल है” सलमान
6 OCT, 2015
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“प्रेम रतन धन पायो” राजश्री प्रोडक्शन के तले बन रही फिल्म है। इसके पहले ट्रेलर लांच ने तो जैसे धूम ही मचा दी हो ? पहले दिन ही 24 घंटो में लगभग 5 मिलियन क्लिक्स मिल गए हैं। सलमान के इस अनूठे पोस्टर को।
पेश है लिपिका वर्मा की नजर से
गौरतलब बात यह है कि सलमान और सूरज बड़जात्या की जोड़ी इस फिल्म से धुआंधार वापसी कर रही है – सूरज ने कहा, ” मेरी 27 साल पहले एक,”बीइंग ह्यूमन” शख्स से भेंट हुई थी उसे स्टेज पर बुलाने से पहले यह बताना चाहूंगा -कि आज भी वह शख्स बहुत ही विनम्र है और मानवता प्रेमी है। इस शख्सियत को बुलाने से पहले मैं यह बता दूं – कि इस फिल्म में उन्होंने अपनी दुगनी एनर्जी लगाई है और वह काबिलेतारीफ है। वह कोई और नहीं हमारे अपने प्रेम -सलमान खान ही है। 16 साल बाद भी मेरे लिए मेरा पहला प्रेम ही है। ”
सलमान ने स्टेज पर पधारते ही कहा, ” मैं जिस प्रेम को परदे पर साक्षात कर रहा हूं वह कोई और नहीं है किन्तु हमारे -सूरज बड़जात्या ही है रियल में। जब कभी उन्होंने मुझे प्रेम नाम से डायरेक्ट किया है तब तब मैं सबसे बेहतरीन प्रेम का किरदार निभा पाया हूं। आप उनके रूप को मुझ में देखते है नाकि मुझे उन में!! तो साफ बात है जो कुछ भी आप स्क्रीन पर प्रेम में देखते हो वह पूरा का पूरा सूरज ही होता है। आज तक कभी उन्होंने किसी को तेज आवाज़ में सम्बोधित नहीं किया होगा। उनकी डांट फूल जैसी नम्र ही होती है। ”
हँसते हुए सलमान ने कहा, ” प्रेम का किरदार करना मैंने इतना मिस किया की मुझे अनीस बज़्मी की फिल्म,”रेडी” करनी पड़ी। अनीस बज़्मी इनके जैसी फिल्म बनाना चाहते थे किन्तु अनीस की कॉमेडी बन गयी “रेडी”।
जब उनसे पुछा गया की यह फिल्म करते समय किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा तो अपने हिट और रन केस जो प्रेम रतन धन पायो फिल्माने के समय वापस चल रहा था उसे लेकर सलमान ने कहा “मैं हमेशा से दिक्कतों को झेलते हुए ही आगे बढ़ता हूं। जितनी प्रोब्लम्स झेलता हूं उस वक़्त शूटिंग के दौरान तब मेरा परफॉर्मेंस और बेहतर होता है। जो कुछ आज मैं भोग रहा हूं वह मेरे अपने कर्मों का फल है। ”
सोनम ने सलमान के पोस्टर की तारीफ में कहा, ” ऐसा पोस्टर पहली बारी देखने को मिल रहा है और सलमान ही पहली बारी इस स्टाइल को पेश कर रहे हैं। ”
कुछ सोच कर और सोनम बोली, ” मुझे याद है जब मैं केवल 14 साल की थी और सलमान से मिलने की बेहद चाह थी तब पिताजी को रिक्वेस्ट करके उनके साथ गयी। पहली बारी सलमान ने जब मुझे देखा तो कहा यह क्या कपडे पहने हैं ? जाओ इन्हें बदल कर के आओ। सलमान को इम्प्रेस करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हो कर गई थी। हमेशा से सलमान के साथ काम करूँ यह मेरा सपना रहा है। अपने सपने को साकार होता देख कर बहुत खुशी हो रही है।”
प्रेम रतन धन पायो -दिवाली पर रिलीज होने वाली है सो जाहिर सी बात है जनता बेहद उत्सुक है और बेसब्री से इंतजार कर रही है अपने चहेते निर्देशक सूरज एवं सलमान की जोड़ी को देखने के लिए जो इस फिल्म से एक अर्से बाद फिर से वापसी कर रही हैं।
Monday, 5 October 2015
Saturday, 3 October 2015
मैं रोमांटिक किरदार मृत्यु शय्या पर से भी उठ कर निभाने को तैयार रहूँगा !!”इरफ़ान खान MAINएंटरटेनमेंटफ़िल्मी इंटरव्यू1 OCT, 2015/lipika varma COMMENTS: 0
मैं रोमांटिक किरदार मृत्यु शय्या पर से भी उठ कर निभाने को तैयार रहूँगा !!”इरफ़ान खान
1 OCT, 2015
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इरफ़ान खान जो इंटेंस अभिनय के लिए जाने जाते हैं अपनी फिल्म,”तलवार” में एक अन्वेषक के किरदार में नजर आने वाले हैं। हमारी संवाददाता लिपिका वर्मा के ढेर सारे सवालों के जवाब में उन्होंने दिल को छू देने वाली बातें भी कर डाली –
फिल्म तलवार में अपने किरदार के लिए क्या कुछ तैयारी करनी पड़ी आपको ?
मैंने असल लोगों से बातचीत भी की और जो कुछ स्क्रिप्ट में लिखा था उसका बहुत ही सटीक तरह से अनुसरण किया मैंने। कई मर्तबा जब हमे कुछ भर्म हुआ करता किसी लाइन को लेकर, या फिर संवाद में तो हम उसे निर्देशक से सलाह मशवरा करके तब आगे बढ़ते। दरअसल यह कोई फिक्शन [उपन्यास ]पर आधारित कहानी नहीं है, रियल कहानी है तो हमे बहुत ही देख सोच कर काम करना था।
फिल्म तलवार में अपने किरदार के लिए क्या कुछ तैयारी करनी पड़ी आपको ?
मैंने असल लोगों से बातचीत भी की और जो कुछ स्क्रिप्ट में लिखा था उसका बहुत ही सटीक तरह से अनुसरण किया मैंने। कई मर्तबा जब हमे कुछ भर्म हुआ करता किसी लाइन को लेकर, या फिर संवाद में तो हम उसे निर्देशक से सलाह मशवरा करके तब आगे बढ़ते। दरअसल यह कोई फिक्शन [उपन्यास ]पर आधारित कहानी नहीं है, रियल कहानी है तो हमे बहुत ही देख सोच कर काम करना था।
निर्देशक मेघना गुलज़ार के बारे में क्या कहना है आपका ? किस तरह से इस फिल्म को हैंडल किया है उन्होंने ?
मुझे बहुत ताज्जुब हुआ कि मेघना ने बहुत ही अच्छी तरह से इस भावुक लेख को पर्दे पर पेश किया है। वह बिल्कुल भी आंशिक नहीं रही सबजेक्ट को लेकर। मैं क्या कहूँ गुलज़ार साहब ने तो कह ही दिया है कि मेघना ने मेरी फिल्मों से बेहतर फिल्म बनाई हैं।
आप टेलीविज़न शो वापस करना चाहेंगे ? किस तरह के शो आप को आकर्षित करते हैं ?
मुझे जो शो आकर्षित करते हैं उस के लिए अभी हमारी ऑडियंस तैयार नहीं है। खैर मुझे, “फार्गो”, डिटेक्टिव हाउस ऑफ़ कार्ड्स एवं “ब्रेकिंग बेड्स” शोज बहुत अच्छे लगते हैं। यदि कभी ऐसे कोई शोज हमारे देश में बनाये जाएँ तो मैं उस का हिस्सा जरूर बनना चाहूँगा ।
मुझे बहुत ताज्जुब हुआ कि मेघना ने बहुत ही अच्छी तरह से इस भावुक लेख को पर्दे पर पेश किया है। वह बिल्कुल भी आंशिक नहीं रही सबजेक्ट को लेकर। मैं क्या कहूँ गुलज़ार साहब ने तो कह ही दिया है कि मेघना ने मेरी फिल्मों से बेहतर फिल्म बनाई हैं।
आप टेलीविज़न शो वापस करना चाहेंगे ? किस तरह के शो आप को आकर्षित करते हैं ?
मुझे जो शो आकर्षित करते हैं उस के लिए अभी हमारी ऑडियंस तैयार नहीं है। खैर मुझे, “फार्गो”, डिटेक्टिव हाउस ऑफ़ कार्ड्स एवं “ब्रेकिंग बेड्स” शोज बहुत अच्छे लगते हैं। यदि कभी ऐसे कोई शोज हमारे देश में बनाये जाएँ तो मैं उस का हिस्सा जरूर बनना चाहूँगा ।
आप भी एक पिता हैं क्या कहना है पेरेंट्स के बारे में ? अपने परिवार को समय दे पाते है क्या आप?
हर तरह के पेरेंट्स होते है इस दुनिया में। क़िन्तु अमूमन हर पैरेंट अपने बच्चे की बेहतरी ही चाहते है। मुझे बड़ा बुरा लगता है जब मेरे बच्चे मुझे मैसेज करते है और मुझे मिस भी करने की शिकायत करते है। कभी कभी तो मैं रो पडता हूं। खैर जब भी मैं अपने बच्चों के लिए समय निकलता हूं तो यह कोशिश करता हूं कि मेरी ब्रेक उनकी छुट्टियों से मेल खाए ताकि हम कही छुट्टियों पर एक साथ जा सके।
आप एक इंटेंस एक्टर है आप ने ए आई बी शो किस तरह कर लिया ?
हंस कर बोले यह तो आपका नजरिया है। मैं कोई इंटेंस अभिनेता नहीं हू। पर यह एक व्यंगात्मक शो था और जब मैंने इसकी पहली चार लाइन सुनी तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने इस शो को करने के लिए अपनी जिज्ञासा तुरंत जताई। इस शो में हम व्यंग्य किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं कर रहे है। यह तो कुछ गानों पर आधारित एक बेहतरीन शो है। मेरा भी मजाक बनाया है लोगो ने, व्यंगात्मक शो में अगर किसी को बुरा लगे तो लगे। इसका एक फॉर्मेट होता है और उसी के आधार पर हमें आगे चलना होता है।
आपकी एक्टिंग पहुंच [एप्रोच] को एक लाइन में किस तरह शब्दों में पिरो सकते हैं आप ?
साधारण गहरी सांस लेते हुए कुछ पेश कर जाना!
आपकी पसंदीदा अभिनय शैली कौन सी होगी ?
मैं कभी भी रोमांटिक किरदार करने के लिए तत्पर हूं। अपनी मृत्यु शय्या से भी उठ कर रोमांटिक किरदार करने के लिए तैयार हो जाऊंगा !!
मैं कभी भी रोमांटिक किरदार करने के लिए तत्पर हूं। अपनी मृत्यु शय्या से भी उठ कर रोमांटिक किरदार करने के लिए तैयार हो जाऊंगा !!
Friday, 2 October 2015
मैं रोमांटिक किरदार मृत्यु शय्या पर से भी उठ कर निभाने को तैयार रहूँगा !!”इरफ़ान खान MAINएंटरटेनमेंटफ़िल्मी इंटरव्यू1 OCT, 2015 COMMENTS: 0
मैं रोमांटिक किरदार मृत्यु शय्या पर से भी उठ कर निभाने को तैयार रहूँगा !!”इरफ़ान खान
1 OCT, 2015
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इरफ़ान खान जो इंटेंस अभिनय के लिए जाने जाते हैं अपनी फिल्म,”तलवार” में एक अन्वेषक के किरदार में नजर आने वाले हैं। हमारी संवाददाता लिपिका वर्मा के ढेर सारे सवालों के जवाब में उन्होंने दिल को छू देने वाली बातें भी कर डाली –
फिल्म तलवार में अपने किरदार के लिए क्या कुछ तैयारी करनी पड़ी आपको ?
मैंने असल लोगों से बातचीत भी की और जो कुछ स्क्रिप्ट में लिखा था उसका बहुत ही सटीक तरह से अनुसरण किया मैंने। कई मर्तबा जब हमे कुछ भर्म हुआ करता किसी लाइन को लेकर, या फिर संवाद में तो हम उसे निर्देशक से सलाह मशवरा करके तब आगे बढ़ते। दरअसल यह कोई फिक्शन [उपन्यास ]पर आधारित कहानी नहीं है, रियल कहानी है तो हमे बहुत ही देख सोच कर काम करना था।
फिल्म तलवार में अपने किरदार के लिए क्या कुछ तैयारी करनी पड़ी आपको ?
मैंने असल लोगों से बातचीत भी की और जो कुछ स्क्रिप्ट में लिखा था उसका बहुत ही सटीक तरह से अनुसरण किया मैंने। कई मर्तबा जब हमे कुछ भर्म हुआ करता किसी लाइन को लेकर, या फिर संवाद में तो हम उसे निर्देशक से सलाह मशवरा करके तब आगे बढ़ते। दरअसल यह कोई फिक्शन [उपन्यास ]पर आधारित कहानी नहीं है, रियल कहानी है तो हमे बहुत ही देख सोच कर काम करना था।
निर्देशक मेघना गुलज़ार के बारे में क्या कहना है आपका ? किस तरह से इस फिल्म को हैंडल किया है उन्होंने ?
मुझे बहुत ताज्जुब हुआ कि मेघना ने बहुत ही अच्छी तरह से इस भावुक लेख को पर्दे पर पेश किया है। वह बिल्कुल भी आंशिक नहीं रही सबजेक्ट को लेकर। मैं क्या कहूँ गुलज़ार साहब ने तो कह ही दिया है कि मेघना ने मेरी फिल्मों से बेहतर फिल्म बनाई हैं।
आप टेलीविज़न शो वापस करना चाहेंगे ? किस तरह के शो आप को आकर्षित करते हैं ?
मुझे जो शो आकर्षित करते हैं उस के लिए अभी हमारी ऑडियंस तैयार नहीं है। खैर मुझे, “फार्गो”, डिटेक्टिव हाउस ऑफ़ कार्ड्स एवं “ब्रेकिंग बेड्स” शोज बहुत अच्छे लगते हैं। यदि कभी ऐसे कोई शोज हमारे देश में बनाये जाएँ तो मैं उस का हिस्सा जरूर बनना चाहूँगा ।
मुझे बहुत ताज्जुब हुआ कि मेघना ने बहुत ही अच्छी तरह से इस भावुक लेख को पर्दे पर पेश किया है। वह बिल्कुल भी आंशिक नहीं रही सबजेक्ट को लेकर। मैं क्या कहूँ गुलज़ार साहब ने तो कह ही दिया है कि मेघना ने मेरी फिल्मों से बेहतर फिल्म बनाई हैं।
आप टेलीविज़न शो वापस करना चाहेंगे ? किस तरह के शो आप को आकर्षित करते हैं ?
मुझे जो शो आकर्षित करते हैं उस के लिए अभी हमारी ऑडियंस तैयार नहीं है। खैर मुझे, “फार्गो”, डिटेक्टिव हाउस ऑफ़ कार्ड्स एवं “ब्रेकिंग बेड्स” शोज बहुत अच्छे लगते हैं। यदि कभी ऐसे कोई शोज हमारे देश में बनाये जाएँ तो मैं उस का हिस्सा जरूर बनना चाहूँगा ।
आप भी एक पिता हैं क्या कहना है पेरेंट्स के बारे में ? अपने परिवार को समय दे पाते है क्या आप?
हर तरह के पेरेंट्स होते है इस दुनिया में। क़िन्तु अमूमन हर पैरेंट अपने बच्चे की बेहतरी ही चाहते है। मुझे बड़ा बुरा लगता है जब मेरे बच्चे मुझे मैसेज करते है और मुझे मिस भी करने की शिकायत करते है। कभी कभी तो मैं रो पडता हूं। खैर जब भी मैं अपने बच्चों के लिए समय निकलता हूं तो यह कोशिश करता हूं कि मेरी ब्रेक उनकी छुट्टियों से मेल खाए ताकि हम कही छुट्टियों पर एक साथ जा सके।
आप एक इंटेंस एक्टर है आप ने ए आई बी शो किस तरह कर लिया ?
हंस कर बोले यह तो आपका नजरिया है। मैं कोई इंटेंस अभिनेता नहीं हू। पर यह एक व्यंगात्मक शो था और जब मैंने इसकी पहली चार लाइन सुनी तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने इस शो को करने के लिए अपनी जिज्ञासा तुरंत जताई। इस शो में हम व्यंग्य किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं कर रहे है। यह तो कुछ गानों पर आधारित एक बेहतरीन शो है। मेरा भी मजाक बनाया है लोगो ने, व्यंगात्मक शो में अगर किसी को बुरा लगे तो लगे। इसका एक फॉर्मेट होता है और उसी के आधार पर हमें आगे चलना होता है।
आपकी एक्टिंग पहुंच [एप्रोच] को एक लाइन में किस तरह शब्दों में पिरो सकते हैं आप ?
साधारण गहरी सांस लेते हुए कुछ पेश कर जाना!
आपकी पसंदीदा अभिनय शैली कौन सी होगी ?
मैं कभी भी रोमांटिक किरदार करने के लिए तत्पर हूं। अपनी मृत्यु शय्या से भी उठ कर रोमांटिक किरदार करने के लिए तैयार हो जाऊंगा !!
मैं कभी भी रोमांटिक किरदार करने के लिए तत्पर हूं। अपनी मृत्यु शय्या से भी उठ कर रोमांटिक किरदार करने के लिए तैयार हो जाऊंगा !!
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