Friday, 15 May 2015

मेरे लिए हर फिल्म खास होती है”- रणबीर.may15,2015एक अनूठी भेंटवार्ता रणबीर के साथ … पेश है लिपिका वर्मा द्वारा –


मेरे लिए हर फिल्म खास होती है”- रणबीर

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रणबीर कपूर हमेशा से यही कहते आये  है कि ,” मैं अपने पिताजी  से  बात नहीं कर सकता हूँ अभी भी !”  रणबीर अपने रोमांटिक मिजाज की वजह से मीडिया में चर्चा का विषय बने, यह  उन्हें कतई पसंद नहीं होता है,” जी हाँ यह बात सही है कि सेलेब [अभिनेता] होने की वजह से हमारी पर्सनल लाइफ के बारे में लोगो को जानने की जिज्ञासा रहती है, लेकिन  कई मर्तबा मीडिया कुछ ज्यादा ही लिख डालती है. इस से मुझे परहेज है. खेर जब भी मेरी शादी होगी आप लोगो को पहले पता चल जाएगा.”
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एक अनूठी भेंटवार्ता  रणबीर के साथ …  पेश है लिपिका वर्मा द्वारा –
फिल्म बॉम्बे वेलवेट में आप के किरदार के बारे में कुछ बोलिए?
जी हाँ यह फिल्म मेरे लिए बहुत ही ख़ास  है. अनुराग ने खुद मुझे इस किरदार के लिए चुना । मुझे विश्वास है कि यह एक ऐसी फिल्म है जो बहुत वर्षो  तक याद रखी  जाएगी। मैं जोंनी  किरदार निभा रहा हूँ ।मेरे फेंस ने मुझे ,”वेक उप सीड् और जवानी दीवानी जैसे किरदारों में बहुत पसंद किया है किन्तु में अलग जनरेशन की फिल्मी करना पसंद करता हूँ। सो यह कहने  गलत नहीं होगा कि मेरा किरदार बॉम्बे वेलवेट में अत्यंत ही चैलेंजिंग किरदार है। सिनेमा का जो फाइनल फल होता है वह टीम वर्क पर निर्भर करता है. मैंने अपने आप को खुद इस  किरदार में कास्ट किया है और उसके पीछे निर्देशक ने बहुत काम किया है तो यदि मै इस फिल्म का किरदार बेहतर निभा पाता हू तो इस का श्रेय मेकर्स को ही जाता है। और जब हम देखते है की फिल्म अच्छी बनी है तो बहुत ख़ुशी मिलती है। स्क्रिप्ट इतनी उम्दा लिखी गयी है कि हम उस में बहुत कुछ प्रदान करसकते है अपने किरदार को हू ब हू उसी तरह निभा कर। अनुराग और मैंने फिल्म शूट शुरू होने से पहले कुछ चर्चा की  और मुझे ख़ुशी  है कि  अनुराग  चीज़े बदलने के लिए सहमत हो गए ।
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आपके लिए फिल्म की सफलता क्या मायने रखती है ?
मेरे लिए हर फिल्म खास होती है। रॉकस्टार, बर्फी  ,यह जवानी है दीवानी  सब बॉक्स ऑफिस  पर सफल हुई है।  हालांकि मेरी पिछली फिल्म ,”बेशरम” अपना जलवा नहीं बिखेर पाई ।मुझे  फिल्म जगत का हिस्सा बने  8 वर्ष हो गए है और मुझे अपना काम सही ढंग से ही करना है। कभी कभी हमारी पसंद गलत हो जाती है पर इसका यह मतलब नहीं है कि हम काम करना छोड़ दे उल्टा मेरा ऐसा मानना  है कि मेरी आगामी फिल्मो में-जग्गा जासूस, एवं तमाशा के किरदारों को करने में मैंने बहुत मेहनत की है।  मुझे जो स्क्रिप्ट पसंद आती है मैं ख़ुशी खुसी  उसका हिसा बन जाता हूँ और मैं अपने आप को खुद चुनौती देता हूँ।
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ऋषि कपूर [आपके पिताश्री] ने ,”बॉम्बे वेलवेट” देखी  है -क्या कहा  उन्होंने?
मेरे पिताजी हमेशा टिक्का  टिप्पणी करते है ,यह सब इस लिए करते है ताकि मैं अपने आप को महत्वपूर्ण न समझने लगू। वो हमेशा मुझे याद दिलाते है की मुझे और मेहनत करनी होगी। मुझे वह सच्चाई दिखलाते है और बेफिजुल  में मेरी पीठ थपथपा कर मुझे  आलसी नहीं बनाना चाहते है. उनकी  टिप्पणी मेरे लिए बहुत अनिवार्य है क्यूंकि वो मुझे मेरी गलतियों  को दिखलाते है। मैं उन्ही की वजह से बेहतरी की और  बढ़ता चला जा रहा हू उनकी टिप्पणी मुझे हमेशा और मेहनत  करने के लिए अग्रसर  करती है। दरअसल उनकी क्रिटिसिसिम  मेरे लिए एक पोसिट्वे ऊर्जा  है। आज भी उनसे मैं बहुत डरता हूँ और कभी उनसे आँख मिलकर बातचीत नहीं पाता हूँ.
आप अपने रिलेशनशिप को लेकर बहुत चर्चा में  रहते है क्या  कहना चाहेंगे?
मै  रिलेशनशिप पर ज्यादा बोलना नहीं चाहता हूँ।  दरअसल मै बहुत शर्मिला हूँ इन सब मामले के बारे में बातचीत नहीं करना चाहता हूँ जब शादी होगी तो  आप लोगो को पता ही चल जाएगा. मैं काम की बात करना ज्यादा  पसंद करता हूँ। और मेरे फंस मुझे मेरे काम से जाने तो बहुत अच्छा लगता है।
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कटरीना के बारे में क्या कहना चाहेंगे?
बस यही कि उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है  ।
दीपिका एवं कटरीना दोनों में से किस को आप लकी मानते है आपकी फिल्मों के लिए?
कटरीना मेरी पहली फिल्म।,”अजब प्रेम की गजब  हिट हुई। जब की दीपिका के साथ जवानी दीवानी बहुत अच्छी चली, दोनों ही बेहतरीन अभिनेत्री है और दोनों ही बड़े स्टार्स है फिल्म की कहानी  अच्छी होनी चाहिए तो वो फिल्म जरूर चलती  है

Thursday, 14 May 2015

करन जोहर … अनुराग कश्यप को अपनी फिल्म में कभी कास्ट नहीं करेंगे?/lipika varma

करन जोहर … अनुराग कश्यप को अपनी फिल्म में कभी कास्ट नहीं करेंगे?

MAHESH ABEYEWARDENE
डायरेक्टर अनुराग कश्यप हाल ही में अपनी फिल्म ,” बॉम्बे वेलवेट” की प्रोमोशन्स करने अपनी सारी कास्ट के साथ गोवा पहुंचे -रणबीर कपूर ,अनुष्का शर्मा एवं डेब्यू एक्टर कारन जोहर के संग – साथ कारन जोहर एक नेगेटिव किरदार में नजर आनेवाले है। फिल्म ,”बॉम्बे वेलवेट” 1960 के फैशन स्टेटमेंट को दर्शाने वाली एक अनूठी फिल्म है. यह फिल्म जनता को पिछले दिनों की याद जरूर दिलानेवाली है।
अमूमन हीरो और हीरोइन की केमिस्ट्री फिल्म रिलीज़ के पहले चर्चा का विषय बनी रहती है किन्तु इस फिल्म में करन और रणबीर की केमेस्ट्री बॉलीवुड में चर्चा का विषय बनी हुई है।
करण ने साफ शब्दों में कहा ,” मेरे हर शॉट के पहले रणबीर मेरे पास आया करते और मुझे किस तरह सीने पेश करू उसके भरपूर टिप्स दिया करते थै. एक तरह से उन्होंने ही मुझे डायरेक्ट किया है. पूरी फिल्म में मुझे डायरेक्ट करने का जिम्मा उन्होंने ही उठाया है। मेरे मत से रणबीर आगे चलकर एक बहुत ही मंझे हुए निर्देशक की भूमिका सफलता से निभा सकते है.” यह एक जाने मने प्रोड्यूसर डायरेक्टर करन जोहर कह रहे है जो की बहुत मायने रखता है।
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करन जैसा की हम सब जानते है बहुत ही मुह फट है तो उन्होंने साफ साफ कह दिया,” में अनुराग को अपनी फिल्म में कभी भी कोई भी किरदार नहीं देने वाला हू”- जी हाँ अपने ठीक सुना। मै अनुराग कश्यप को अपनी फिल्म में कभी कास्ट नहीं कर सकता हू क्यूंकि मैं हमेशा सुंदर लोगो को ही अपनी फिल्म का हिस्सा बनाता हू। मैं कोई भी ऐसी फिल्म नहीं बनाता हू जिस में अनुराग फिट बैठे सो कोई भी किरदार इन्हे जच नहीं सकता है। ”
फिल्म बॉम्बे वेलवेट 15 मई को सिनेमा घरो में अपना जलवा बिखेरने आ रही है. चलिए देखना यह है की रणबीर स्टारर यह फिल्म उन्हें एक हिट दे पाती है और उनकी पिछली फ्लॉप फिल्म ,”बेशरम को पीछे छोड़ देती है??

Wednesday, 13 May 2015

विराट हमेशा टॉप पर ही रहे यही चाहूंगी/lipika varma

विराट हमेशा टॉप पर ही रहे यही चाहूंगी – अनुष्का

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अनुष्का शर्मा की एक अनूठी भेंटवार्ता हमारी संवादाता लिपिका वर्मा के संग – पेश है –
अनुष्का शर्मा को चाहिए कि वो – अलग अलग किरदार के लिए जानी जाये ! अनुष्का उन सभी निर्देशकों की आभारी है जो उन्हें अलग अलग किरदार में देख सकते है. “में पहली फिल्म ,”रब ने बना दी जोड़ी” में आदित्य चोपड़ा ने मुझे उस किरदार में फिट पाया इस लिए उन्होंने मुझे वो किरदार दिया। जब की बहुत से लोग उनके विचार से सहमत नहीं थे। उनका मानना था कि में रोल में फिट नहीं बैठती.लेकिन उनके विश्वास की वजह से ही में इस इंडस्ट्री में टिक पाई यह मेरा सौभाग्य है । यह मेरे लिए मील के पत्थर की तरह साबित हुआ। मैं हर उन निर्माता निर्देशक की आभारी हू जिन्होंने मुझे उनके किरदार में सटीक पाया और मुझे अलग अलग किरदार करने का मौका दिया.. अनुराग कश्यप का यह विश्वास ही तो है की उन्होंने मुझे बॉम्बे वेलवेट में रोज़ी के किरदार में फिट पाया? सो मुझ पर जिन लोगो ने विश्वास किया वह सब मेरी सफलता का एक अहम हिस्सा है. मुझे पारंपरिक सुंदरता में शामिल नहीं किया जा सकता। । में सुंदर हू – लेकिन वैसी ब्यूटी नहीं है मुझ मैं. हंस कर अनुष्का बोली ”
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साठ के दशक की किसी हीरोइन की कॉपी करी है आपने बॉम्बे वेलवेट में अपने किरदार रोज़ी के लिए?
सच कहू तो मैं किसी भी हीरोइन को कॉपी नहीं करना चाहती थी, में किसी भी किरदार को स्क्रिप्ट से ही जोड़ती हू। हर किरदार को एक नयापन देने हेतु मैंने कभी भी किसी को देखा भी नहीं है। हालांकि मैं यह सुन चुकी हू की हेलेन अपने फैशन का बहुत ख्याल रखती थी वह मेरी पसंदीदा एक्टर भी है। मुझे मुमताज़ और शर्मीला टैगोर भी बेहतरीन अदाकारा लगती है। बॉम्बे वेलवेट की स्क्रिप्ट उम्दा तौर से लिखी गई है – इस स्क्रिप्ट में हर किरदार की छोटी छोटी बातें भी बतलायी गई है यहाँ तक की हमारा ,”ग्रीन रूम” भी उसी तरह से पेश किया गया था जिस के कारण हमे वो साठ की दशक का फील भी मिला है। मेरे हिसाब से सिनेमा निर्देशक का माध्यम है और यदि आप उनके कथानुसार किरदार को निभाते है तो उसे बखूबी कर पाते है ऐसा मेरा मानना है। मै हमेशा अपने किरदार को अलग पेश करना चाहती हू ताकि मुझे लोग पसंद कर सके. यह मेरी खुश किस्मती है कि अनुराग ने मुझे रोज़ी के चरित्र के लिए फिट पाया वरना मुझे एन एच जैसे किरदार ही ऑफर किये जा रहे थे. मै बार बार उसी तरह के किरदार नहीं करना चाहती हू इन सात महीनो में मुझे अलग अलग किरदार करने के मौके मिले है और मै बहुत खुश हू। अपनी पहली फिल्म ,”रब ने बना दी ” के बाद मुझे उसी तरह के किरदार ऑफर किये जा रहे थे सो में चुप चाप घर पर ही बैठी रही।
रोज़ी का किरदार निभा रही है उसके बारे में कुछ बतलायें ?
रोज़ी का बच्चपन अच्छा नहीं बीता है सो वो कुछ दब्बू किस्म की हो गयी थी मुझे सब कुछ उनकी तरह ही करना था.. सो जब स्टेज शोज करती तो ग्लैमर्स नजर आना था मुझे किंतु जब सादा सिंपल रहना होता तो मुझे बिलकुल मेकउप नहीं लगता था। किन्तु मैं इन दोनों ही स्थिति में सटीक पेशकश करना चाहती थी और ऐसा मैंने किया भी है. आजकल की लड़कियों को दब्बू नहीं रहना चाहिए किन्तु जो कुछ भी वो करना चाहती है करने के लिए तैयार रहना चाहिए. मेरा जीवन रोजी के जीवन से अलग रहा -मुझे किसी भी काम में अपने परिवार का साथ मिला है मैं अपने परिवार के संरक्षण में पली बड़ी हू। जबकि रोजी कठिन दौर से गुजरी उसके साथ दुर्व्यवहार हूवा है, सो यह किरदार मेरे लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहा क्यूंकि में निजी जीवन में बहुत बोलना पसंद करती हू जबकि इस किरदार में मुझे अभिव्यंजक तौर से अभिनय करना पड़ा जो बेहतरीन लगता है स्क्रीन पर।
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आप बहुत सोच समझ कर बोलती है अब?
जी नहीं में बहुत स्पष्टवादी हू जो कुछ भी मेरे जीवन में होता है मैं कह दिया करती हू। मैं कुछ भी नहीं छिपाती हू यदि मैंने लिप सर्जरी की है तो मैंने उसे भी नहीं छुपाया है। में ऐसा विचार भी नहीं प्रकट करती हू कि जो कुछ भी मैं करती हू वो हमेशा सही होता है। में मिस परफेक्ट बनकर नहीं पैदा हुई हू और ऐसा हम सब इंसानो के साथ होता है ,हमे अपनी कमजोरी और अच्छाई दोनों को समान्य तौर से देखना होता है और उसे सुधारने की क्षमता भी होनी चाहिए।
तो अब आप अपने जीवन में आगे बढ़ गयी है – आदित्य चोपड़ा से मिलना जुलना होता है क्या?
देखिये वह ऑफ स्क्रीन मेरे परिवार के जैसे ही है य़दि हम फिल्म एक साथ नहीं कर रहे है तो इस का यह मतलब नहीं है कि हम एक दूसरे से अलग है. दरअसल जब मै एन एच 10 फिल्म प्रोड्यूस कर रही थी तब उनसे ही प्रोडक्शन के बारे में सहायता ली मैंने. और हर बार मुझे वहां से मदद मिली है। क्यों नही यदि अगली फिल्म उनके साथ डिस्ट्रीब्यूट करने का मौका मिले तो जरूर करूंगी जिस तरह एन एच 10 इरोस ने डिस्ट्रीब्यूट की।
विराट टॉप फोर में आने के लिए इस वक़्त स्ट्रगल कर रहे है क्या कहना चाहेंगी ?
कहां स्ट्रगल कर रहे है? वो तो टॉप पर ही है.और में आप को क्यों बताने चली कि मेरी उनसे क्या बातचीत होती है।
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मोस्ट डिजाइरबल मैन ऑफ़ दा ईयर है क्या कहना चाहेंगी?
हमेशा टॉप पर ही रहे यही कहना चाहूंगी।
तो उनसे जलन होती है?
क्यों भाई क्यों जलूगी उनसे? मैं तो मोस्ट डिजाइरबल मैन ऑफ़ दा ईयर नहीं बन सकती हू न ??

Roy' was a wrong choice but did it for my friend: Ranbir Kapoor Deccan Chronicle | Lipika Varma | May 12, 2015, 13.05 pm IST

'Roy' was a wrong choice but did it for my friend: Ranbir Kapoor

Deccan Chronicle | Lipika Varma | May 12, 2015, 13.05 pm IST
Mumbai: Ahead of the release of Bombay Velvet, Ranbir Kapoor says that he wants to create his own identity as an actor and as a star.
“In Saawariya I tried to imitate my dada ji (Raj Kapoor) a bit. But the audiences always want to watch something new. Therefore I decided to perform my way and choose films that will present my acting caliber in a different way.
“I liked Shri 420, and Sangam. Raj Kapoor’s Mere Nam Joker had flopped initially but then it went on to be a big International hit film. My passion for acting has been there because of my dada Raj Kapoor. He is my idol.”
Talking about his last film Roy failing at the box office, he says, “At times when I have agreed to work for friendship, I have realized my folly. Belonging to a family of actors, audiences expect a lot from me. Roy was a wrong choice but I decided to work in it because no one was ready to work for my friend. However, now I have realized that friendship and professionalism need to be dealt with separately.”
“I would like to get both tags – a good actor and a star, because at the end of the day, fans love to watch the films of their favourite star. I want to have my own approach to every character.”
About Shashi Kapoor being given the Dada Sahib Phalke Award, Ranbir says, “This is indeed a great moment for the family. Prithviraj Kapoor, Raj Kapoor also received the award. Unfortunately Shammi Kapoor could not get it. I remember Shashi chacha would tell me so many tales and jokes. He is my favorite chacha. I am happy that Shashi’s Kapoor’s audio for his achievements has been dubbed by me. But I am deeply saddened because Shashi Ji is not able to recognize me any more.”
He adds that he feels that his luck derives from the fact that he looks like his mother, yesteryear actress Neetu Singh. “Me resembling my mother makes me lucky! She is beautiful and I am blessed to have her looks,” he says, adding, “My mom has been a very spontaneous actor. She started working at an early age as she had to support her family. She started as a child actor and worked for many years before settling down in life.
“She was happy to give up her professional career for her personal life. She has definitely sacrificed a lot for my sister and me. She was instrumental in teaching us ethical values. My dad was busy professionally so he could not give us much time.”
He adds, “One of her divine qualities that I love is her simplicity. I admire her for being humble and good to one and all. Everyone who has been close to her has always loved her for being a good host. Everyone finds her to be the easiest person. She taught us to be good to one and all.”
Talking about his father Rishi Kapoor, Ranbir says, “My dad has always been there but we have been closer to our mom. All our queries for dad would go via mom. Even today I fear him, but it is because of the respect we give him. He would never praise me, merely because he wanted to see me improve always. I know that and I always look forward to give my best to every character that I portray.”